आगरा : जिले के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने 10 साल पुराने मामले में दो भाइयों को दस साल जेल की सजा सुनाई है। उन्होंने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज अमरजीत ने यह फैसला सुनाया। प्रॉसिक्यूशन की तरफ से एडीजी सी मोहित पाल ने बताया कि डौकी थाना क्षेत्र के हौद गांव निवासी रमेश चंद्र ने न्यू आगरा थाने में केस दर्ज कराया था।
केस करने वाले रमेश चंद्र ने पुलिस को बताया कि 1 दिसंबर 2016 को वह अपने जीजा रविंद्र के साथ स्कूटर पर दयालबाग में अपने दामाद के घर जा रहा था। रात करीब 9:15 बजे जब वे कॉलेज ग्राउंड के पास पहुंचे तो पीछे से दो मोटरसाइकिल पर सवार चार लोग आए। आरोप है कि चारों लोगों ने गाली-गलौज की और बाइक रुकवा ली। हमलावरों ने अपनी बाइक उनके सामने रोक दी। आरोपियों ने हम पर हमला किया और हम पर एसिड फेंक दिया, जिससे हम दोनों गंभीर रूप से घायल होकर ज़मीन पर गिर गए। आरोपी मौके से भाग गए।
इसके बाद, राहगीरों और पुलिस की मदद से हम दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब हमारी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो हमारा एक प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज कराया गया। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज अमरजीत ने डौकी के गांव हौद निवासी भाइयों रामप्रकाश और गब्बर उर्फ रामकिशोर को हत्या की कोशिश और एसिड फेंकने के 10 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया। प्रॉसिक्यूशन की तरफ से पेश हुए ADG सी मोहित पाल ने बताया कि एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने दोषी भाइयों को 10 साल की कैद और हर एक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। केस करने वाले, जांच अधिकारी और आठ गवाहों के साथ घटना से जुड़े अहम सबूत कोर्ट में पेश किए गए।
यह दलील दी गई कि आरोपियों का जुर्म गंभीर है और इसलिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ADG सी मोहित पाल ने बताया कि न्यू आगरा थाना पुलिस ने आरोपी रामप्रकाश को 12 जनवरी 2017 को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इस मामले में लंबे समय तक फरार रहने के बाद आरोपी गब्बर ने 23 मई 2017 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जांच अधिकारी ने अहम सबूत इकट्ठा किए और 31 मार्च और 27 मई 2017 को कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की।
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